UKPSC अपर पीसीएस पाठ्यक्रम 2026 संक्षेप में

परीक्षा तीन चरणों में होती है। प्रारम्भिक परीक्षा में 150-150 अंकों के दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र होते हैं, किन्तु मेरिट केवल प्रथम प्रश्नपत्र (सामान्य अध्ययन) से बनती है। द्वितीय प्रश्नपत्र (सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षा) में 33% अंक लाना अनिवार्य है। मुख्य परीक्षा में 1500 अंकों के आठ लिखित प्रश्नपत्र होते हैं, जिनमें सामान्य हिन्दी में न्यूनतम 35% अंक आवश्यक हैं। साक्षात्कार 150 अंकों का है, अतः अन्तिम मेरिट 1650 अंकों पर बनती है। प्रारम्भिक परीक्षा 2026 दिनांक 29 नवम्बर 2026 को है।

Updated on 27 अक्टूबर 2026 by Samveg IAS

इस पृष्ठ पर उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UKPSC Upper PCS) का पूरा पाठ्यक्रम हिन्दी में दिया गया है। पहले परीक्षा योजना देखें, फिर प्रश्नपत्र-वार पाठ्यक्रम पढ़ें और अन्त में आधिकारिक PDF डाउनलोड करें। यही पाठ्यक्रम अंग्रेजी में पढ़ने के लिए देखें: UKPSC Upper PCS Syllabus (English)।

परीक्षा योजना एक नज़र में

चरणप्रश्नपत्रअंकप्रकृति
प्रारम्भिक परीक्षा2 (सामान्य अध्ययन एवं सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षा)300 (मेरिट में केवल सामान्य अध्ययन)वस्तुनिष्ठ, ऋणात्मक मूल्यांकन
मुख्य परीक्षा8 (सामान्य हिन्दी, निबंध, सामान्य अध्ययन I से VI)1500वर्णनात्मक
साक्षात्कारव्यक्तित्व परीक्षा150मौखिक
अन्तिम मेरिटमुख्य परीक्षा + साक्षात्कार1650

प्रारम्भिक परीक्षा योजना (Prelims)

प्रश्नपत्रविषयप्रश्नअंकसमय
प्रथमसामान्य अध्ययन (General Studies)150 (प्रत्येक 1 अंक)1502 घण्टे
द्वितीयसामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षा (CSAT)100 (प्रत्येक 1.5 अंक)1502 घण्टे
कुल2503004 घण्टे
  • ऋणात्मक मूल्यांकन (Negative marking): प्रत्येक गलत उत्तर पर उस प्रश्न के निर्धारित अंकों का एक-चौथाई (1/4) काटा जाएगा। एक प्रश्न के एक से अधिक उत्तर देना भी गलत माना जाएगा।
  • मेरिट: प्रारम्भिक परीक्षा की मेरिट केवल प्रथम प्रश्नपत्र (सामान्य अध्ययन) के अंकों से बनेगी।
  • अर्हकारी CSAT: द्वितीय प्रश्नपत्र में सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 33% अंक अनिवार्य हैं।
  • उत्तराखण्ड का भार: सामान्य अध्ययन के 150 प्रश्नों में से न्यूनतम एक-तिहाई प्रश्न उत्तराखण्ड राज्य के सन्दर्भ में पूछे जाएँगे।

प्रारम्भिक परीक्षा पाठ्यक्रम: प्रथम प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन

इकाई 1: भारत का इतिहास, संस्कृति एवं राष्ट्रीय आन्दोलन

  • प्राचीन भारत: हड़प्पा एवं वैदिक सभ्यता, संगम युग, महाजनपद एवं मगध का उत्कर्ष, जैन, बौद्ध, भागवत एवं शैव धर्म, मौर्य, कुषाण एवं गुप्त साम्राज्य, उत्तर-गुप्त काल (650 से 1200 ई.)।
  • मध्यकालीन भारत: दिल्ली सल्तनत, विजयनगर साम्राज्य, सूफी एवं भक्ति आन्दोलन, मुगल साम्राज्य एवं प्रशासन, मराठा, सिख एवं जाट।
  • आधुनिक भारत: यूरोपियों का आगमन, ब्रिटिश शासन एवं उसका आर्थिक प्रभाव, 19वीं सदी के सुधार आन्दोलन, वायसराय (1858 से 1947), 1857 का संग्राम, किसान एवं जनजातीय आन्दोलन।
  • राष्ट्रीय आन्दोलन: कांग्रेस की स्थापना, बंगाल विभाजन, स्वदेशी, गांधी युग, सविनय अवज्ञा, गोलमेज सम्मेलन, भारत छोड़ो, कैबिनेट मिशन, स्वतंत्रता अधिनियम 1947 एवं विभाजन।
  • उत्तराखण्ड का इतिहास एवं संस्कृति: प्रागैतिहासिक एवं आद्य-ऐतिहासिक काल, प्राचीन जनजातियाँ, कुणिन्द एवं यौधेय, कार्तिकेयपुर (कत्यूरी), गढ़वाल का परमार वंश, कुमाऊँ का चन्द वंश, गोरखा शासन, ब्रिटिश शासन, टिहरी रियासत, 1857 एवं राष्ट्रीय आन्दोलन में उत्तराखण्ड का योगदान तथा जन-आन्दोलन।

इकाई 2: भारत एवं विश्व का भूगोल

  • विश्व का भूगोल: पृथ्वी एवं सौरमण्डल, अक्षांश-देशान्तर, स्थलरूप, महासागर, वायुमण्डल, जलवायु, संसाधन, जनसंख्या, परिवहन एवं विश्व व्यापार।
  • भारत का भूगोल: उच्चावच, जलवायु, अपवाह, वनस्पति, मिट्टी, कृषि, सिंचाई, खनिज, उद्योग, जनसंख्या, नगरीकरण, परिवहन एवं विदेशी व्यापार।
  • उत्तराखण्ड का भूगोल: अवस्थिति, भू-आकृति, जलवायु, नदियाँ, वनस्पति, वन्यजीव, खनिज, कृषि, प्रमुख नगर एवं पर्यटन स्थल, जनसंख्या, अनुसूचित जाति/जनजाति, परिवहन, ऊर्जा, उद्योग एवं प्राकृतिक आपदाएँ।

इकाई 3: भारतीय राजव्यवस्था

  • राष्ट्रीय: संसदीय प्रणाली, गठबन्धन की राजनीति, अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, लिंग राजनीति, चुनाव सुधार, शासन, राष्ट्रीय एकता, नाभिकीय नीति, उदारीकरण-निजीकरण-वैश्वीकरण, बैंकिंग (RBI, NABARD), लोकपाल एवं लोकायुक्त।
  • अन्तर्राष्ट्रीय: संयुक्त राष्ट्र, सार्क, आसियान, ब्रिक्स एवं विश्व मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण।
  • संविधान: संवैधानिक विकास, प्रस्तावना, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, नीति निदेशक तत्व, संशोधन, संघीय व्यवस्था, संसदीय समितियाँ, निर्वाचन आयोग, CAG, सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालय।
  • कार्यपालिका एवं प्रशासन: संघ एवं राज्य कार्यपालिका, विधायिका, चुनाव, दल, राज्यों का पुनर्गठन, केन्द्रशासित प्रदेश, प्रशासनिक सुधार एवं जिला प्रशासन।
  • पंचायती राज, लोक नीति (नागरिक चार्टर, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, सेवा का अधिकार) एवं अधिकार सम्बन्धी मुद्दे।
  • उत्तराखण्ड की राजनीतिक व्यवस्था: राज्यपाल, विधायिका, मुख्यमंत्री, लोक सेवाएँ, उच्च न्यायालय, राजभाषा, स्थानीय शासन, लोकायुक्त, समाधान योजना आदि।

इकाई 4: आर्थिक एवं सामाजिक विकास

  • राष्ट्रीय: आर्थिक सुधार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, मुद्रास्फीति, समावेशी विकास, गरीबी एवं बेरोजगारी उन्मूलन कार्यक्रम, मानव विकास सूचकांक, जनगणना, केन्द्रीय बजट, राष्ट्रीय आय, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा, वित्तीय बाजार, कर संरचना एवं राजकोषीय नीति।
  • अन्तर्राष्ट्रीय: WTO, IMF, विश्व बैंक, क्षेत्रीय व्यापार समूह, FERA, FEMA एवं PMLA।
  • उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था: बजट, संसाधन, उद्योग, योजनाएँ, कृषि, पशुपालन, लोक वित्त, जनगणना, मानव विकास सूचकांक, पर्यटन तथा जड़ी-बूटी एवं संस्कृति की भूमिका।

इकाई 5: सामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

  • दैनिक जीवन का विज्ञान, भारत में विज्ञान का इतिहास, पुरस्कार, खोजें एवं शोध संस्थाएँ (IUCN, WWF, IPCC, WHO, UNESCO)।
  • सूचना प्रौद्योगिकी एवं कम्प्यूटर: मूल बातें, नेटवर्क, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कम्प्यूटिंग एवं ई-गवर्नेंस।
  • पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी: पारिस्थितिक तंत्र, कृषि, प्राकृतिक संसाधन, जैव विविधता, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, सुदूर संवेदन एवं GIS।
  • सामान्य स्तर पर भौतिकी, रसायन एवं जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, नैनो प्रौद्योगिकी, टीके एवं स्वास्थ्य।
  • उत्तराखण्ड के प्राकृतिक संसाधन एवं जलवायु परिवर्तन में उनका योगदान।

इकाई 6: सामयिकी (Current Events)

राज्य, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ, जैसे पुस्तकें एवं लेखक, पुरस्कार, खेल, रक्षा, महत्वपूर्ण दिवस, रिपोर्ट, सम्मेलन, विरासत एवं सांस्कृतिक संस्थाएँ। राज्य की सामयिकी के लिए हमारी मासिक उत्तराखण्ड करेंट अफेयर्स पत्रिका देखें।

प्रारम्भिक परीक्षा: द्वितीय प्रश्नपत्र सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षा (CSAT)

भागविषयप्रश्नअंक
इकाई 1न्याय वाक्य (Syllogism), सादृश्यता, दर्पण प्रतिबिम्ब, कोडिंग-डिकोडिंग, तार्किक क्षमता, कथन एवं निष्कर्ष, निर्णय क्षमता, दिशा ज्ञान, पहेली, आँकड़ों की पर्याप्तता, संख्या पद्धति, विभाज्यता, श्रेणी एवं आँकड़ों का विश्लेषण80120
इकाई 2 (अंग्रेजी)अंग्रेजी गद्यांश पर 3 प्रश्न तथा व्याकरण पर 4 प्रश्न710.5
इकाई 2 (हिन्दी)अपठित गद्यांश पर 6 प्रश्न तथा व्याकरण पर 7 प्रश्न: तत्सम-तद्भव, पर्यायवाची, विलोम, लोकोक्ति-मुहावरे, अलंकार, संधि, समास, उपसर्ग-प्रत्यय1319.5

मुख्य परीक्षा योजना (Mains)

प्रश्नपत्रविषयसमयअंक
1सामान्य हिन्दी3 घण्टे150
2निबंध3 घण्टे150
3सामान्य अध्ययन I: भारतीय विरासत एवं संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज3 घण्टे200
4सामान्य अध्ययन II: शासन व्यवस्था, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय एवं अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध3 घण्टे200
5सामान्य अध्ययन III: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा एवं आपदा प्रबन्धन3 घण्टे200
6सामान्य अध्ययन IV: नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि3 घण्टे200
7सामान्य अध्ययन V: उत्तराखण्ड राज्य की जानकारी (इतिहास, समाज, संस्कृति, राजव्यवस्था, प्रशासन)3 घण्टे200
8सामान्य अध्ययन VI: उत्तराखण्ड राज्य की जानकारी (भूगोल, अर्थव्यवस्था, आपदा, मानव संसाधन)3 घण्टे200
लिखित परीक्षा का योग1500

सभी प्रश्नपत्र अनिवार्य हैं। सामान्य हिन्दी के प्रश्नपत्र में न्यूनतम 35% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है, जिसका स्तर हाईस्कूल का होता है।

मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम: प्रश्नपत्र-वार

सामान्य हिन्दी (150 अंक)

शब्द-रचना (15), शब्द-विवेक (15), वाक्य-रचना (15), मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ (10), पत्र लेखन (15), प्रतिवेदन लेखन (10), प्रशासनिक शब्दों का अंग्रेजी अनुवाद (10), बोधन (15), सार लेखन (15), पल्लवन (10), हिन्दी अवतरण का अंग्रेजी में अनुवाद (10) एवं अंग्रेजी अवतरण का हिन्दी में अनुवाद (10)।

निबंध (150 अंक)

तीनों खण्डों से एक-एक निबंध (700 से 800 शब्द) लिखना होता है, प्रत्येक 50 अंक का।

  • खण्ड अ: साहित्य एवं संस्कृति, सामाजिक क्षेत्र, राजनीतिक क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र (कृषि, उद्योग एवं व्यापार)।
  • खण्ड ब: विज्ञान, पर्यावरण एवं प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय घटनाएँ, प्राकृतिक आपदाएँ, राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम एवं परियोजनाएँ।
  • खण्ड स (उत्तराखण्ड): सामाजिक संरचना, इतिहास, संस्कृति, कला एवं साहित्य, आर्थिक एवं भौगोलिक परिदृश्य, पर्यटन एवं पलायन, पर्यावरण एवं आपदा प्रबन्धन, महिला सशक्तिकरण।

सामान्य अध्ययन I (200 अंक)

  • प्राचीन से आधुनिक काल तक भारतीय कला, साहित्य एवं वास्तुकला।
  • 18वीं सदी के मध्य से आधुनिक भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम एवं स्वतंत्रता के बाद का एकीकरण।
  • 18वीं सदी से विश्व इतिहास: औद्योगिक क्रान्ति, विश्व युद्ध, उपनिवेशवाद, विउपनिवेशीकरण एवं राजनीतिक दर्शन।
  • भारतीय समाज: विविधता, महिलाएँ, जनसंख्या, गरीबी, नगरीकरण, वैश्वीकरण, साम्प्रदायिकता, क्षेत्रवाद एवं धर्मनिरपेक्षता।
  • विश्व का भौतिक भूगोल, संसाधनों का वितरण, उद्योगों की अवस्थिति एवं भूभौतिकीय घटनाएँ।

सामान्य अध्ययन II (200 अंक)

  • संविधान: विकास, विशेषताएँ, संशोधन एवं मूल ढाँचा; संघीय मुद्दे एवं शक्तियों का हस्तान्तरण; शक्तियों का पृथक्करण।
  • संसद, राज्य विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका; जनप्रतिनिधित्व अधिनियम; संवैधानिक, सांविधिक एवं अर्ध-न्यायिक निकाय।
  • सरकारी नीतियाँ, NGO एवं स्वयं सहायता समूह, कमजोर वर्गों की कल्याणकारी योजनाएँ, स्वास्थ्य, शिक्षा, गरीबी एवं भूख।
  • शासन, पारदर्शिता, ई-गवर्नेंस, नागरिक चार्टर एवं लोकतन्त्र में सिविल सेवा की भूमिका।
  • भारत एवं पड़ोसी देश, अन्तर्राष्ट्रीय समूह, प्रवासी भारतीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाएँ।

सामान्य अध्ययन III (200 अंक)

  • भारतीय अर्थव्यवस्था: नियोजन, संवृद्धि, रोजगार, समावेशी विकास एवं बजट।
  • कृषि: फसल प्रतिरूप, सिंचाई, सब्सिडी, न्यूनतम समर्थन मूल्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्य सुरक्षा, खाद्य प्रसंस्करण एवं भूमि सुधार।
  • उदारीकरण, औद्योगिक नीति, अवसंरचना एवं निवेश मॉडल।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: उपलब्धियाँ, IT, अन्तरिक्ष, रोबोटिक्स, नैनो एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा बौद्धिक सम्पदा अधिकार।
  • पर्यावरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन, आपदा प्रबन्धन तथा साइबर सुरक्षा एवं सीमा प्रबन्धन सहित आन्तरिक सुरक्षा।

सामान्य अध्ययन IV: नीतिशास्त्र (200 अंक)

  • नीतिशास्त्र एवं मानवीय सम्बन्ध, मानवीय मूल्य, अभिवृत्ति, सिविल सेवा हेतु अभिरुचि एवं आधारभूत मूल्य।
  • भावनात्मक बुद्धिमत्ता तथा भारत एवं विश्व के नैतिक विचारकों का योगदान।
  • लोक सेवा मूल्य, लोक प्रशासन में नैतिकता, शासन में ईमानदारी, सूचना का अधिकार, आचार संहिता एवं भ्रष्टाचार।
  • इन विषयों पर केस स्टडी।

सामान्य अध्ययन V: उत्तराखण्ड, भाग 1 (200 अंक)

  • इतिहास: पुरातात्विक स्थल, प्राचीन जनजातियाँ, कुणिन्द, कत्यूरी, परमार एवं चन्द वंश, गोरखा शासन।
  • ब्रिटिश शासन: प्रशासन, भू-राजस्व, वन प्रबन्धन, शिक्षा, स्थानीय पत्रकारिता, टिहरी रियासत एवं उसका विलय, स्वतंत्रता सेनानी।
  • जन-आन्दोलन: कुली बेगार, डोला-पालकी, चिपको, शराब विरोधी आन्दोलन, टिहरी रियासत विरोधी आन्दोलन एवं पृथक राज्य आन्दोलन।
  • समाज एवं संस्कृति: परिवार एवं नातेदारी, जाति व्यवस्था, लोकगीत, लोकनृत्य, शिल्प, मन्दिर, मेले, त्योहार एवं बोलियाँ।
  • राजव्यवस्था एवं प्रशासन: राजनीतिक व्यवस्था, दल, राज्य सरकार की संरचना, जिला एवं तहसील प्रशासन, लोक सेवा आयोग, लोकायुक्त, स्थानीय निकाय, राज्य वित्त एवं निर्वाचन आयोग तथा लोक नीति।
  • उत्तराखण्ड से सम्बन्धित सामयिक घटनाएँ।

सामान्य अध्ययन VI: उत्तराखण्ड, भाग 2 (200 अंक)

  • भूगोल: अवस्थिति, उच्चावच, जलवायु, अपवाह, वनस्पति, मिट्टी, हिमनद, झीलें एवं जलवायु परिवर्तन।
  • संसाधन एवं परिवहन: वन, जल, खनिज, कृषि, बागवानी, उद्योग, जलविद्युत परियोजनाएँ, पर्यटन, राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव विहार।
  • जनसंख्या: वृद्धि दर, घनत्व, लिंगानुपात, साक्षरता, पलायन, अधिवास, नगरीकरण एवं मानव विकास सूचकांक।
  • अर्थव्यवस्था: राज्य घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय, MSME नीति, अवसंरचना, नियोजन, लोक वित्त एवं राज्य बजट।
  • आपदा प्रबन्धन: भूस्खलन, भूकम्प, बादल फटना, वनाग्नि, NDRF, SDRF, आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 एवं NDMA।
  • मानव संसाधन विकास: रोजगार, शिक्षा (शिक्षा का अधिकार, समग्र शिक्षा) एवं स्वास्थ्य (NRHM, पोषण, खाद्य सुरक्षा अधिनियम)।

साक्षात्कार (150 अंक)

साक्षात्कार में सामान्य जागरूकता, बुद्धिमत्ता, चरित्र, अभिव्यक्ति क्षमता एवं सेवा के लिए सामान्य उपयुक्तता परखी जाती है। तैयारी के लिए हमारा इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम (IGP) देखें।

आधिकारिक पाठ्यक्रम PDF डाउनलोड करें

नीचे दी गई PDF में हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों में आधिकारिक पाठ्यक्रम (39 पृष्ठ) है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UKPSC अपर पीसीएस की परीक्षा योजना क्या है?

परीक्षा तीन चरणों में होती है: 300 अंकों की प्रारम्भिक परीक्षा, 1500 अंकों की मुख्य परीक्षा और 150 अंकों का साक्षात्कार। अन्तिम मेरिट मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार के 1650 अंकों पर बनती है।

क्या UKPSC प्रारम्भिक परीक्षा में CSAT केवल अर्हकारी है?

हाँ। द्वितीय प्रश्नपत्र (सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षा) में न्यूनतम 33% अंक लाना अनिवार्य है। मेरिट केवल प्रथम प्रश्नपत्र (सामान्य अध्ययन) से बनती है।

क्या UKPSC प्रारम्भिक परीक्षा में ऋणात्मक अंकन है?

हाँ। प्रत्येक गलत उत्तर पर उस प्रश्न के अंकों का एक-चौथाई काटा जाता है। एक से अधिक उत्तर देना भी गलत माना जाता है।

प्रारम्भिक परीक्षा में उत्तराखण्ड से कितने प्रश्न आते हैं?

सामान्य अध्ययन के 150 प्रश्नों में से न्यूनतम एक-तिहाई, अर्थात कम से कम 50 प्रश्न, उत्तराखण्ड के सन्दर्भ में पूछे जाते हैं।

मुख्य परीक्षा में सामान्य हिन्दी में न्यूनतम कितने अंक चाहिए?

सामान्य हिन्दी के प्रश्नपत्र में न्यूनतम 35% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यह प्रश्नपत्र 150 अंकों का और हाईस्कूल स्तर का होता है।